अमेरिकी टैरिफ के जवाब में कनाडा ने नए शुल्क लागू किए
कनाडा ने 8 सितंबर 2026 से अमेरिका के सैकड़ों उत्पादों पर नए टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। इन टैरिफ में चीज़ पर 25% और शहद एवं एल्युमिनियम फॉयल पर 50% तक शुल्क शामिल है। यह कदम अगस्त में अमेरिका द्वारा कनाडाई घरेलू और औद्योगिक वस्तुओं पर लगाए गए उच्च टैरिफ के प्रतिशोध स्वरूप उठाया गया है।
व्यापक उद्योग प्रभावित, उपभोक्ता एवं निर्माण लागत बढ़ सकती हैं
ये टैरिफ कृषि और विनिर्माण क्षेत्र की कई वस्तुओं को प्रभावित करेंगे। इससे पहले अमेरिकी टैरिफ ने कनाडाई बीयर, डेयरी उत्पादों और अन्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ा दी थीं, जिससे व्यापार विवाद और तीव्र हो गया है। टैरिफ वृद्धि के कारण अमेरिकी वस्तुओं के दाम कनाडा में बढ़ेंगे, जिससे कुछ कंपनियों ने उत्पादन स्थल पुनः निर्धारित करने पर विचार करना शुरू कर दिया है। उदाहरण के तौर पर, जापानी ब्रुअर सैपोरो ने रणनीतिक रूप से अपनी कुछ उत्पादन इकाइयां कनाडा से वापस अमेरिका स्थानांतरित करनी शुरू कर दी हैं।
असफल व्यापार वार्ता के कारण तनाव बढ़ा
यह टैरिफ वृद्धि कई दौर की असफल वार्ताओं के बाद आई है। टैरिफ से परे राजनीतिक और आर्थिक तनाव भी अधिक स्पष्ट हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कनाडाई विमान कंपनी बॉम्बरडियर के उत्पादों पर अमेरिकी बाजार में प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। वहीं, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस तनाव पर अपनी नाराजगी जताई है, जो दोनों देशों के बीच फटकार और गहरे मतभेदों की ज्वलंत तस्वीर पेश करता है।
टैरिफ दरें अमेरिकी उपायों के अनुरूप
कनाडाई अधिकारियों ने बताया कि ये टैरिफ 15%, 25% और 50% की विभिन्न श्रेणियों में होंगे। कनाडाई सरकार ने इसे अगस्त के अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित कनाडाई आयात की भरपाई बताया है। अमेरिका ने अपने टैरिफ को पिछले वर्ष लगाए गए कनाडाई टैरिफ के जवाब में उचित ठहराया था, जिनमें अमेरिकी कारों और अन्य वस्तुओं पर शुल्क लगाए गए थे।
बढ़ते व्यापार विवाद से बाजार एवं कंपनियां अनुकूलित
व्यापार बाधाओं की बढ़ोतरी ने कनाडाई रिटेलर्स को "मेड इन कनाडा" लेबल को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया है, ताकि अमेरिकी उत्पादों पर निर्भरता कम की जा सके। इससे व्यापारिक कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं और बाज़ार रणनीतियों पुनः व्यवस्थित कर रही हैं ताकि टैरिफ के प्रभाव से बचा जा सके। यह जटिल परिस्थिति सीमापार वाणिज्य, उपभोक्ता विकल्पों और निवेशकों के लिए निगरानी का केंद्र बनी हुई है।